2026 के मानसून पर अल नीनो का प्रभाव: भयानक सूखा झेलना पड़ेगा? मौसम विशेषज्ञों की भविष्यवाणी weather update 2026

weather update 2026 भारत में मानसून का मौसम हमेशा से ही कृषि, अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण रहा है। लेकिन 2026 के मानसून को लेकर मौसम विशेषज्ञों में एक नई चिंता उभर रही है। प्रसिद्ध मौसम विश्लेषक किरण वाघमोडे ने हाल ही में चेतावनी दी है कि अल नीनो (El Niño) की वजह से इस साल की बारिश पर गहरा असर पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर 1972 के उस ऐतिहासिक सूखे की यादें ताजा हो रही हैं, जब देश भर में भयंकर अकाल पड़ा था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आज की स्थिति उस समय से काफी अलग है। आधुनिक सिंचाई प्रणालियां, बेहतर जल प्रबंधन और पर्याप्त अनाज भंडारण की सुविधाएं हमें उस स्तर की आपदा से बचा सकती हैं। फिर भी, आंकड़ों से पता चलता है कि अल नीनो के सक्रिय होने पर 84 प्रतिशत मामलों में मानसून कमजोर रहता है, जबकि केवल 16 प्रतिशत बार ही सामान्य वर्षा दर्ज की जाती है।

अल नीनो क्या है और इसका मानसून पर असर weather update 2026

अल नीनो एक वैश्विक मौसम घटना है जो प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि से जुड़ी होती है। यह हवाओं के पैटर्न को प्रभावित करती है, जिससे भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की तीव्रता कम हो जाती है। वाघमोडे के अनुसार, यदि अल नीनो 2026 में मजबूत रूप लेता है, तो कई इलाकों में कम बारिश की संभावना बढ़ जाएगी। लेकिन सकारात्मक पक्ष यह है कि भारत अब पहले से ज्यादा तैयार है। सरकारी योजनाएं जैसे कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और जल संरक्षण कार्यक्रम सूखे के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

Leave a Comment